Thursday, October 31, 2013

मेरे सभी आत्मजनो ,

आप  सभी को दीपावली की शुभ कामनाएं .  मनोंरंजन और उतसव में भेद है। मनोरंजन में आप तमाशा देखते हैं  उसमें  सम्मिलित नहीं होते हैं जबकि उतसव में आपकी भागीदारी  होती है ,आपका स्वयं का जीवन भी उतसव के रस  में रसविभोर हो उठता है। किसी दैनिक  लेख में सत्य कहा गया है कि  ज्ञान  के प्रकाश के प्रकट होने का उत्सव ही दिवाली है।अत: इस दीपावली पर्व में प्रेम,समृद्धि ,सेवा और करुणा और ज्ञान  का दीपक जलाकर इस पावन उत्सव में हम सब भाग लें। . किसी न किसी रूप में दूसरों की,जरूरतमंद की  सहायता करनी चाहिए।  इस प्रसंग में ' हिंदी -सोच के माध्यम से प्रकाशित आइये एक प्रेरणादायक कहानी का आनंद लें।  कहानी का शीर्षक है बदलाव 

 बदलाव
एक लड़का हर sunday सुबह सुबह तालाब के किनारे jogging करने जाता था. और हमेशा एक बूढी महिला को देखता था. जो किनारे पर बनी बेंच पर बैठकर तालाब के छोटे छोटे कछुओ को उठाकर उनकी पीठ साफ़ किया करती थी..
एक ऐसे ही sunday को जब वो लड़का वहाँ से गुज़रा तो उसी महिला को देखा.. इस बार वो उनके पास गया और पूछा..
“नमस्ते, मैं हमेशा आपको कछुओ की पीठ साफ़ करते हुए देखता हूँ.. आप ऐसा क्यों करती है?”
महिला ने पहले तो उसे देखा, और फिर शांत मुस्कराहट के साथ कहा- ” मैं हर रविवार को यहाँ आती हूँ.. और शान्ति का सुख लेते हुए.. इन छोटे छोटे दोस्तों के कवच साफ़ करती हूँ.. .. दरअसल, इनकी पीठ पर जो काई, और दूसरी चीज़े चिपकी रह जाती है.. उनसे इनके कवच की गर्मी पैदा करने की क्षमता कम पड़ जाती है. और तैरने में भी इन्हें तकलीफ देती है.. कुछ सालो में इनके कवच कमजोर भी पड़ जाते है.. इसलिए मैं यहाँ बैठकर इन्हें साफ़ करती हूँ..”
लड़का थोडा हैरान था.. वो बोला ” ये है तो बहुत ही अच्छी बात है.. और मैं समझ सकता हूँ की ये एक अच्छा काम है पर.. क्या आपको नहीं लगता की दुनिया भर में न जाने ऐसे कितने कछुए होगे. और शायद उनकी मदद करने के लिए कोई नहीं है.. आपको नहीं लगता की आप अपने वक़्त का बेहतर इस्तेमाल कर सकती हैं..”
महिला ने कहा, ” मुझे इसे करने में ख़ुशी मिलती है.. दुनिया में बदलाव पैदा करने का ये मेरा तरीका है.”
लड़का और भी हैरान हुआ.. बोला “इससे भला दुनिया में कैसा बदलाव आएगा?”
महिला ने अपने हाथ में रखे कछुए की तरफ इशारा करते हुए कहा.. ” भले ही पूरी दुनिया में इससे कोई बदलाव न आये.. पर इस छोटे से कछुए से पूछो, मेरे इस कार्य से इसके जीवन में कितना बड़ा बदलाव आएगा”
सबक: यदि आप सहायता करने के काबिल है. तो करें. हो सकता है आपके द्वारा की हुई छोटी सी मदद पूरी दुनिया में बदलाव की लहर न ला पाए. पर वो एक व्यक्ति, जिसकी आपने हेल्प की है, उसकी दुनिया आप खुशहाल कर सकते है.



   

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